ये है तहरीक-ए- हुर्रियत का चेहरा, चेयरमैन सहराई का बेटा हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल

सम्पादकीय

ये है तहरीक-ए- हुर्रियत का चेहरा, चेयरमैन सहराई का बेटा हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल

प्रथम शर्मा की रिपोर्ट बदायूं से 
24 मार्च 2018

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बारे में केंद्र सरकार का स्पष्ट मत है कि जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत ये महज सिर्फ तीन शब्द नहीं है बल्कि सरकार की भावना है। सरकार चाहती है कि घाटी में गुमराह संगठन और युवक बंदूक का रास्ता छोड़कर बातचीत के लिए आगे आएं। लेकिन अलगावादी नेताओं और उनके संगठनों के बोल कुछ और ही हैं। हुर्रियत के नेता अपने आपको राजनीतकि शख्स बताते हैं। लेकिन अलगाववादी संगठनों में से एक तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन मोहम्मद असरफ सहराई का बेटा जुनैद अहमद सहराई कथित तौर पर हिज्बुल मुजाहिद्दीन का हिस्सा बन चुका है।

मोहम्मद सहराई के बेटे जुनैद अहमद सहराई को फोटो में देखा जा सकता है। उसके हाथ में एक के-47 राइफल है। फोटो में उसकी शैक्षणिक योग्यता के साथ साथ ये जानकारी दी गई है कि वो कह हिज्बुल में एक्टिव सदस्य के रूप में शामिल हुआ। शुक्रवार यानि 23 मार्च को जुनैद के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। यह पहला मौका है जब किसी बड़े अलगाववादी नेता बेटा किसी आतंकी संगठन में शामिल हुआ है। जुनैद के चाचा ने शुक्रवार को उसके लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी। सैय्यद अली शाह गिलानी द्वारा अध्यक्ष पद को छोड़ने के बाद पार्टी की कमान मोहम्मद सहराई को दिए जाने का फैसला हुआ था।

शनिवार को सोशल मीडिया पर जुनैद की फोटो को सार्वजनिक  किया गया था। जम्मूू-कश्मीर पुलिस का कहना है वो गहराई के साथ मामले की तहकीकात कर रही है।जांच का हवाला देकर पुलिस ज्यादा कुछ कहने से बच रही है। सैय्यद अली शाह गिलानी ने तहीरक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष पद से हटने का फैसला किया था। लेकिन वो हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की कमान उनके हाथों में ही रहेगी। गौरतलब है कि तहरीक-ए-हुर्रियत, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का ही एक हिस्सा है। जानकारों का कहना है कि आगे चल कर सहराई ही हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की कमान संभालेंगे।
 
जे पी 7 न्यूज़ के साथ प्रथम शर्मा


Comment






Total No. of Comments: