महराजगंज/जौनपुर: 96 करोड़ से बनी सड़क पर डाला गया गिट्टी बहकर हुआ ज्यों के त्यों

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96 करोड़ से बनी सड़क पर डाला गया गिट्टी बहकर हुआ ज्यों के त्यों

महराजगंज रोड पर हुआ भीषण गड्ढा, आखिर जिम्मेदार कौन

आखिर कहां गई 50 से 60 ट्रक गिट्टी जो दो दिन पूर्व डाला गया था

अगर नही चेता विभाग तो लील सकती है कई लोगों की जिदंगी

बदलापुर (जौनपुर) 96 करोड़ से बनी मुंगराबादशाहपुर- शाहगंज की सड़क बिल्कुल झील में तब्दील में हो गई है। जगह - जगह भीषण गड्ढे में लोग गिरकर घायल हो रहे है तो 4 फीट तक ले  गड्ढे में पानी भरा हुआ है। जिससे अनजान लोगों दिनभर में सैकड़ों की सख्या मे बाइक सवार व पैदल रहगीर गिरकर घायल हो रहे है। अगर विभाग नहीं चेता तो महराजगंज रोड पर इस बरसात में कई लोगों की जिदंगी भी जा सकती है। अभी तीन दिन पूर्व कई ट्रक गिट्टी भी डाली गई थी। अब वह गिट्टी का पता ही नही चल रहा है। गड्ढे दिखाई दे रहे है।

जी हां आपको बता दे कि यह सड़क विभाग द्वारा 96 करोड़ से बनी थी। लोग यहां तक कह रहे है कि सफर नहीं आसान, हथेली में रख लो जान। सरकार का गढ्डामुक्त सड़क का दावा फेल है। प्रशासनिक अफसरों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ने   लोगों की जान को जोखिम में डाल रखा है। इस रोड पर सबसे बुरा हाल महराजगंज रोड का है।जहां हर पल हादसे का डर बना रहता है। इन्हीं गड्ढों के कारण एक छात्र पिंकी घायल हो चुकी है। गड्ढे व क्षतिग्रस्त सड़क के कारण दस मिनट का सफर एक घंटे में तय हो पाता है। हर महीने 15 से 20 सड़क हादसे खराब सड़क के कारण हो रहे हैं, जिनमें दो से तीन मौत भी हो सकी है।

हादसे में पिकी घायल हो गई थीं घायल

अनदेखी : प्रशासन की अनदेखी का इससे बड़ा कोई उदाहरण नहीं। इसी रोड पर से लोग महाविद्यालय व तहसील तथा थाना जाते है। रोजाना व दिन भर छात्रों व अधिकारियों का इस रोड से गुजरना होता है, लेकिन किसी को अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं। शुक्रवार को कई लोग गिरकर घायल हुए थे। लेकिन मजाल है कि वे लोगों की इस समस्या पर गंभीरता जताएं।


आखिर कहा गई 60 ट्रक गिट्टी

दस दिन पूर्व हुए बारिश से सड़क और ज्यादा खराब हुई थी। जिसे गम्भीरता से लेते हुए  ठेकेदार द्वारा 50 से 60 ट्रक गिट्टी क्रासिंग से लेकर दाउदपुर तक बिछाने का कार्य कराया गया था जो कि तीन दिन से हो रहे लगातार बारिश से गिट्टी का पता नही चल रहा है। बड़ें- बड़े गडु दिखाई देने लगे है। प्रश्न उठता है कि कोई जिम्मेदार अधिकारी अगर ठेकेदार से पूछें कि आखिर गिट्टी कहां गई। तो अपने आप पता चल जायेगा।
ओम प्रकाश सेठ ब्यूरो चीफ जौनपुर


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